मोहब्बत को सर पर चढ़ाकर मत चलो मेरे यार,
वरना हम तो हँसना भी सीख गए थे दर्द के साथ।
साफ़ दिल वालों को ही भुला दिया जाता है…
वरना ख़ामोशी को लोग अक्सर गलत समझते हैं।
हम में तो तुम ही हो, तुम्हारे दिल की खुदा जाने…!
थक के बैठ जाऊं तो गले से लगा लेना ए जिंदगी अब किसी से उम्मीद नही रही हमें इस फरेबी जमाने में
गैर तो दिल दुखाने की हिम्मत भी नहीं करते।
हुस्न पर क्या इतराना जिसकी औकात ही बिस्तर तक है…!
अल्फाजो में क्या बयां करे अपनी मोहब्बत के अफसाने,
बस खुद को ही समझाती रहती है— “सब ठीक हो जाएगा।”
कभी कभी दिल इतना उदास Sad Shayari in Hindi हो जाता है, की दिल करता है,
दर्द तो तब हुआ… जब पता चला तीर चलाने वाले अपने ही निकले।
वरना “मेरी जान” लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी मुर्झा जाते है…!
जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे, तो इस्तमाल किए जाओगे।